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एककलशमेंसम्पूर्णसागरकाअहसास, एकशरीरमें सम्पूर्ण "विश्वप्रेम" काअहसास मानवकोआनन्दके चरमबिन्दुतकपहुँचादेतीहै। "विश्वराष्ट्रप्रेम" आनन्दकाचरमबिन्दुहैI

16 Nov 2018

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"विश्वराष्ट्रप्रेम" मानवकीसम्पूर्णताहै। ईशाकीकरुणा,क्षमाकीचरमबिन्दुहै। बुद्धकीकरूणाकीभित्तिपरउगेप्रेमकीपूर्णताहै। अल्लाहकापूर्णनूरहै। विष्णुकाविराटस्वरूपहै।

16 Nov 2018

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जिन्हेंजाति,धर्म,प्रान्तीयवदेशकेनामपरबाँटाजासकताहै, वेमानव, मानवसमाजकेविश्वासयोग्यपात्रनहीहै। जिन्हेंकिसीभीदृष्टिमेंबाँटानजासके, वहमानव, मानवसमाजकाविश्वासयोग्यपात्रहै। "विश्वराष्ट्रप्रेम"--अभेदप्रेमहै।

16 Nov 2018

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"विश्वराष्ट्रप्रेम" एकमात्रमोक्षकाआधारहै।

16 Nov 2018

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पौरुष, नारीत्व, चारित्रिक, तीनोंगुणोंकेचरमबिन्दु को छूनेवालाहीराजाओंकाराजा, प्रभुओंकाप्रभु है। "विश्वराष्ट्रप्रेम" तीनोंगुणोंकेचरमबिन्दुको समेटेहुयेंहैं।

16 Nov 2018

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ईश्वरप्रेमव "विश्वराष्ट्रप्रेम" मेंवहीअन्तरहै, जोअन्तर कोयलपंक्षीवडॉल्फिनमछलीमेंहैं। किन्तुदोंनोंकाचरमबिन्दु एकहीबिन्दुपरमिलतीहैं।

16 Nov 2018

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"विश्वराष्ट्रप्रेम" ईश्वरप्रेमसेएककदमआगेकाप्रेमहै।

16 Nov 2018

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"विश्वराष्ट्रप्रेम" राजनैतिक, सामाजिकएवंधार्मिक सभीपहलुओंकोएकसाथसमेटहुयेंहैं।

16 Nov 2018